क्या आप भी 8 घंटे सोने के बाद थका हुआ महसूस करते हैं?
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप पूरी रात 8 घंटे सोए, लेकिन सुबह उठने पर भी शरीर में थकान और जकड़न महसूस हो रही हो? ऐसा लगता है जैसे नींद पूरी ही नहीं हुई।
ज्यादातर लोग इसके लिए अपने गद्दे (Mattress) या तकिए को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन असली वजह आपकी "सोने की पोजीशन" (Sleeping Position) हो सकती है।
अमेरिकी चैनल CBS की एक रिपोर्ट और नींद विशेषज्ञों (Sleep Experts) के अनुसार, जिस तरीके से आप सोते हैं, उसका सीधा असर आपकी रीढ़ की हड्डी, पाचन और मानसिक शांति पर पड़ता है। आज हम जानेंगे कि विज्ञान के अनुसार सोने का सबसे सही तरीका कौन सा है।
1. पीठ के बल सोना (Sleeping on Back) - सबसे बेहतरीन?
नींद विशेषज्ञ डॉ. शेल्बी हैरिस के अनुसार, अगर आप अक्सर कमर दर्द या गर्दन दर्द के साथ जागते हैं, तो आपको अपनी पोजीशन बदलने की ज़रूरत है।
- फायदे: यह शरीर के लिए सबसे अच्छी स्थिति मानी जाती है। इसमें आपकी रीढ़ (Spine) सीधी रहती है और गर्दन को पूरा आराम मिलता है। इससे 'हार्टबर्न' या एसिडिटी की समस्या भी कम होती है।
- नुकसान: दुनिया में केवल 8% लोग ही इस तरह सोते हैं। अगर आपको खर्राटे (Snoring) आते हैं या 'स्लीप एपनिया' (Sleep Apnea) है, तो यह पोजीशन आपके लिए खतरनाक हो सकती है क्योंकि इसमें जीभ पीछे की तरफ गिरती है जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है।
- टिप: अगर आप पीठ के बल सोने की आदत डालना चाहते हैं, तो अपने दोनों तरफ तकिए रख लें ताकि आप नींद में पलटे नहीं।
2. करवट लेकर सोना (Side Sleeping) - दिमाग के लिए बेस्ट
ज्यादातर लोग इसी पोजीशन में सोते हैं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि करवट लेकर सोना आपके दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद है।
- फायदे: जब हम एक करवट सोते हैं, तो हमारा दिमाग खुद को बेहतर तरीके से "Detox" (साफ) कर पाता है। यह अल्जाइमर जैसे रोगों से बचाने में मदद करता है। साथ ही, खर्राटे लेने वालों के लिए यह सबसे अच्छी पोजीशन है।
- नुकसान: अगर आपको पेट की समस्या या गैस्ट्रिक रिफ्लक्स (Acid Reflux) है, तो कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि दाईं करवट (Right side) सोने से जलन बढ़ सकती है।
3. पेट के बल सोना (Sleeping on Stomach) - सबसे खतरनाक!
अगर आपको पेट के बल सोने की आदत है, तो सावधान हो जाएं। डॉक्टरों के अनुसार, यह सोने की सबसे खराब स्थिति है।
- नुकसान: इस स्थिति में आपकी गर्दन 90 डिग्री पर मुड़ी होती है, जिससे सर्वाइकल (Cervical) का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, आपकी रीढ़ की हड्डी अपनी नेचुरल शेप में नहीं रहती, जिससे कमर दर्द शुरू हो जाता है। इससे फेफड़ों और छाती पर भी दबाव पड़ता है।
- उपाय: अगर आपको ऐसे ही नींद आती है, तो बहुत ही पतला तकिया (Thin Pillow) इस्तेमाल करें और गद्दा थोड़ा सख्त रखें।
4. सिकुड़ कर सोना (Fetal Position)
इसे 'भ्रूण अवस्था' भी कहते हैं, जिसमें लोग घुटनों को छाती से लगाकर सोते हैं। यह बहुत आरामदायक लगता है, लेकिन यह भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
- समस्या: इसमें शरीर पूरी तरह खुल नहीं पाता, जिससे छाती में सांस लेने के लिए जगह कम बचती है। रीढ़ की हड्डी मुड़ी रहने से सुबह पीठ में अकड़न हो सकती है।
- उपाय: अगर आप ऐसे सोते हैं, तो अपने दोनों घुटनों के बीच में एक तकिया (Pillow) फंसाकर सोएं। इससे आपकी कमर पर दबाव कम पड़ेगा।
निष्कर्ष: आपके लिए क्या सही है?
कोई भी एक पोजीशन सबके लिए "जादुई" नहीं हो सकती। इसे आसान भाषा में इस टेबल से समझें:
|
समस्या (Problem) |
सबसे सही पोजीशन (Best Position) |
|---|---|
|
कमर या गर्दन दर्द |
पीठ के बल (Back) |
|
खर्राटे (Snoring) |
करवट लेकर (Side) |
|
एसिडिटी/गैस |
पीठ के बल (सिर थोड़ा ऊपर रखकर) |
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गर्भवती महिलाएं |
बाईं करवट (Left Side) |
आपकी राय:
आप इनमें से किस पोजीशन में सोते हैं? क्या आपने कभी अपनी सोने की आदत बदलने की कोशिश की है? कमेंट में जरूर बताएं।

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